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प्र. १८. आखिर राममंदिर उस विवादित स्थल पर ही क्यों बनाना चाहिए ?
इसका सटीक उत्तर तो एक प्रति प्रश्न द्वारा ही संभव है । आखिर राम का मंदिर उस विवादित स्थल पर ही क्यों न बनाया जाए ? विवादित स्थल ही वह स्थान है जहां राम जन्मे - वह जन्म स्थान राम का है । इतना कारण ही पर्याप्त है ।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम एक उत्कृष्टतम मानव के साक्षात स्वरूप थे । ऐसे भगवान समान दिव्य महामानव के जन्मस्थान पर मंदिर बनाने में कैसा भी एतराज होना तो साक्षात मानवता का तथा अप्रतिम मानवीय मूल्यों का ही अपमान होगा । और...
इन दोनों बार बार ऐसी घोषणाएं की जा रही है जिनसे भारत और विश्व को यह विश्वास हो जाए कि इस्लाम शांति का संदेश देने वाला मजहब है। ये घोषणाएं कुरआन का संदर्भ देकर की जा रही है। आजकल ऐसी घोषणाओं ने एक फैशन का रुप ले लिया है जबकि भारत और विश्व का अनुभव इनके बिल्कुल विपरीत है। जहां तक भारत का प्रश्न है भारत ने तो तथाकथित इस्लामी शांति को लगभग पिछले एक हजार वर्षो से भुगता है और दुर्भाग्य यह है कि भारत को छद्म शांति को अभी भी भुगतान पड़ रहा है।
इस पुस्तक के प्रकाशन का यही लक्ष्य है कि भारत भारत ही बना रहे और इसे पढ़कर भारतीय अपनी कमर कस लें कि भारत दारुल इस्लाम नहीं बननें देना है और...
भारत की संत परम्परा और सामाजिक समरसता हिन्दू समाज में अनेक कुरीतियां रही होंगी अथवा विद्यमान भी होंगी परंतु साथ ही साथ उनके सुधारने के आंदोलन भी चलते ही रहे हैं । इसी प्रकार से हिन्दू समाज के भीतर छुआछूत व जाति पांति की समस्या भी है । परंतु साथ ही साथ यह भी देखने में आया है कि भगवान बुद्ध के समय से ही ( लगभग २५०० ) वर्ष पूर्व से ही संतो ने जन्मना जाति भेदभाव के विरुद्ध आंदोलन खड़ा किया ।इन हजारों वर्षों में संतों ने छुआछूत को मिटाने के क्या प्रयत्न किए ?
गाथांए पंजाब की भाग - 3 उसने यह कहा ही था कि दुनिया ने एक चमत्कार देखा जिसकी आज भी लोग कल्पना करके दांतो तले उंगली दबा लेते हैं । बाबाजी का सिर धड़ से अलग हो चुका था । फतेह सिंह के शब्दों ने जादू का सा असर किया । उन्होंने अपने बांए हाथ से अपने सिर को पकड़ लिया ।अपने दांए हाथ से वे अपना भारी खंडा चलाते रहे ।
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भारतीय इतिहास के छ स्वर्णिम पृष्ठ-१ वीर सावरकर
हिन्दुस्थान राष्ट्र निरंतर किसी न किसी विदेशी सत्ता के अधीन बना रहा - तथा हिन्दुस्थान का इतिहास मानों हिन्दुओं के सतत
पराभव की ही एक गाथा है इस प्रकार का सरासर झूठा, अपमानजनक और दुष्ट हेतु से किया गया प्रचार चालू सिक्कों की तरह न केवल विदेशियों के ही द्वारा, अपितु स्वबंधुओं के
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भारतीय इतिहास के छ स्वर्णिम पृष्ठ- २ वीर सावरकर
यदि उस समय के विजयी हिन्दू -जगत् ने रोटीबन्दी ,बेटीबन्दी, शुद्धिबन्दी सिन्धुबन्दी इत्यादि सामाजिक रूढ़ियो को तोड़कर एक तरफ से सब मुसलमानों को शुद्ध कर पात्रापात्र विवेकपूर्वक अपनी परम्परा में आत्मसात् कर लिया होता तो यह हिन्दुस्थान उसी समय स्पेन आदि देशों के समान ही मुस्लिम-विहीन हो गया होता और यह सही अर्थ में'हिन्दुओं का स्थान बन जाता'।
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समुत्कर्ष प्राप्ति की राजविद्या पु ग सहस्रबुद्धे अंग्रेज फ्रांसीसी पुर्तगाली ये सभी पापाचरणी थे अधर्माचारी थे नीति भ्रष्ट हो चुके थे। हमने पुण्य साधन किया धर्म मार्ग का अनुगमन किया नीतिनिष्ठ बने तो भी ऐश्वर्य विजय श्री भूमि विद्या कला स्वतंत्रता तथा साम्राज्य का लाभ उन्हें हुआ और दरिद्रता दुःख अज्ञान परतन्त्रता दास्य ये सब हमारे हिस्से में आये। ……………………………………और
विश्वव्यापी भारतीय संस्कृति - रघुनंदन प्रसाद शर्मा हिन्दू संस्कृति ही भारतीय संस्कृति है और भारतीय संस्कृति सम्पूर्ण जगत की संस्कृति है । केवल भारतीय संस्कृति ही इस बात का अभिमान कर सकती है कि सहस्रॊ वर्षों से उसका जीवन अविच्छिन्न है और युग युग से वह अपनी विजय पताका फहराती आ रही है ।
तालिबान - इस्लाम व शांति मुझे लोगों से तब तक युद्ध करने का आदेश मिला है जब तक वे यह न सत्यापित करने लगे कि अल्लाह के अतिरिक्त कोई और उपास्य नहीं है
इस्लाम कामवासना और हिंसा अनवर शेख
कोई भी ईश्वर अपने अनुयायी बनाने हेतु कामवासना पूर्ति और हिंसा का मार्ग नहीं अपनाएगा । दैवत्व की अवधारणा के प्रति घातक हॊने के कारण यह ईश निंदा है । यह तो केवल अरब साम्राज्य बनाने के लिए मोहम्मदी योजना का अंग है
कुरान की आयतों पर अदालत का निर्णय कुरान मजीद की पवित्र पुस्तक के प्रति आदर रखते हुए उक्त आयतों के सूक्ष्म अध्ययन से स्पष्ट होता है कि ये आयतें बहुत हानिकारक हैं और घृणा की शिक्षा देती हैं
हिन्दुत्व के स्वर डा० कैलाश चन्द्र इण्डोनेशिया की विमान सेवा का नाम गरुड़ एयरवेज है । भूतपूर्व राष्ट्रपति सुकर्ण स्वयं को पृथ्वी पर विष्णु का अवतार मानते थे इसीलिए उनका वाहन गरुड़ कहलाया ।
अयोध्या विवाद का हल डा० सुरेन्द्र
इस पुस्तक का उद्देश्य है न्यायालय की मनमानी से भारत की विशाल जनता को छुटकारा दिलाना और अयोध्या में विवादित स्थल पर श्री राममंदिर का निर्माण करना
दी गीता आन मैनेजमैण्ट डा० मोहन खुराना
हमारी आदरणीय पुस्तक गीता जो संसार में व्यापक रूप से पढ़ी जाती है ने जीवन के हर पहलू को छुआ है
सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण पुरुषोत्तम
इस लिहाज से मैं सूफियों और पीरों को इस्लाम में भर्ती कराने वाली संस्था ही मानता हूं और मेरी चुनौती है कि कोई इसके विपरीत तथ्य नहीं ला सकता है
इस्लाम - अरब राष्ट्रीयता का साधन अनवर शेख
इस विचारधारा का आधार मुसलमानों के इस अन्ध विश्वास पर है कि मुहम्मद उन्हें स्वर्ग दिलवा सकता है ---------------------
आऒ राष्ट्र रक्षा में जुट जाएं डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम ) क्योंकि कुरान की शिक्षाओं के अनुसार उनका सुस्पष्ट अंतिम उद्देश्य भारत में इस्लामी राज स्थापित करना है
मुस्लिम राजनीतिक चिंतन और आकांक्षाएं
ले0 ज0 पुरुषोत्तम
पृथ्वी तो अल्लाह और उसके रसूल की है इसीलिए अपनी छिनी हुई वस्तु की पुनः प्राप्ति के लिए निरंतर जिहाद करना विधिसम्मत है
हमारे मूल कर्त्तव्य
डा0 विजय नारायण मणि त्रिपाठी
अनेक दशक बीत जाने के पश्चात् भी संविधान के उन मूल कर्तव्यों के पालन के प्रति कोई सजगता दिखाई नहीं दी। हमारी जानकरी के अनुसार इन कर्तव्यों का विवेचन करने वाली कोई पुस्तक अभी तक भारत की किसी भाषा में प्रकाशित नहीं हुई है।
भारत में सैकुलर राजनीति सांस्कृतिक गौरव संस्थान में भारत में सैकुलर राजनीति विषय पर हुई संगोष्ठी पर वक्ताऒं के भाषणों का संकलन
आज इस्लाम के मसले इरशाद मांजी
फ्रांस में किसी ने इस्लाम को 'बेवकूफी का मजहब' कहा तो उस पर मुकदमा ठोका गया। पर क्या यह गलत है कि हमें किसी ने तो कहा जागो
ISLAMISATION OF INDIA BY SUFIS पुरुषोत्तम
इस लिहाज से मैं सूफियों और पीरों को इस्लाम में भर्ती कराने वाली संस्था ही मानता हूं और मेरी चुनौती है कि कोई इसके विपरीत तथ्य नहीं ला सकता है