उद्देश्य
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| इस नैटजाल का उद्देश्य हिन्दुओं की इस भ्रान्ति को दूर करना है जिसके आधार पर वे यह घोषणा करते हैं कि दुनिया के सभी मजहब एक ही ईश्वर की ओर ले जाते हैं परन्तु सभी मजहबों के मार्ग अलग अलग हैं । तीन प्रमुख विचारधाराओं इस्लाम , ईसाइयत व हिन्दू धर्म में केवल हिन्दू धर्म ही ऐसा धर्म है जो इस बात को कहता है । लगातार १४०० वर्षों के मुसलमानों और ईसाईयों के आक्रमण के पश्चात भी हमारी आखें अभी तक नहीं खुली हैं । पाकिस्तान , बांग्लादेश बनाने के बाद अब मुसलमान हिन्दुस्थान को भी मुस्लिम देश बनाने का स्वप्न हमारी मूर्खता के कारण ही देख रहे हैं । वास्तव में पूरी दुनिया में झगड़ों की जड़ यही भावना है कि केवल मेरा मार्ग ही सही व सच्चा है व बाकी सभी मार्ग गलत हैं । हिन्दू यह सब केवल अपने धर्मग्रन्थों के आधार पर ही कहता है । इस साइट का उद्देश्य हिन्दुओं को अन्य मजहबों की सच्चाई से परिचित कराना है ताकि वह स्वयं उनका विश्लेषण करें और सच्चारई जान सकें । आखिर क्या कारण है कि विश्व में ४० से भी अधिक मुस्लिम देश होने के बावजूद भी मुसलमानों का पूरे विश्व को इस्लाम के झंडे तले लाने का प्रयास आज भी चल रहा है । आखिर क्या कारण है कि आज भी ओसामा बिन लादेन अपने भाषण में अमेरिकी लोगों को यह उपदेश देता है कि केवल इस्लाम की शरण लेने पर ही उनकी जान बच सकती है । १४०० वर्षों से मुसलमानों के आक्रमण होने के बावजूद भी हम आज तक हिन्दू , मुस्लिम , ईसाई भाई - भाई के नारे लगा रहे है । गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रन्थ घोषित करने पर हाय हल्ला मचाने वाले घोर सैक्यूलर वादी हिन्दू व मुल्ला मौलवी क्या यह बताऐंगे कि आखिर कितने मुस्लिम देशों में हिन्दुओं व अन्य मतावलम्बियों के रहने के बावजूद कुरान को राष्ट्रीय धर्मग्रन्थ घोषित नहीं किया गया है । अन्यथा अपना हिन्दू समाज यह समझ ले कि पाकिस्तान जहाँ के हिन्दुओं लगातार १४०० तक तैमूर गजनी बाबर गजनवी व असंख्य मुसलमानों के आक्रमण को झेला परन्तु मुसलमान धर्म स्वीकार नहीं किया , वही वीर हिन्दू पाकिस्तान बनने के केवल ६० वर्षों पश्चात ही या तो मुसलमान बनने पर मजबूर हो गए या उन्हें अपना घरबार छोडकर भागना पड़ा । कहने का अर्थ है कि हिन्दू ही सत्ता में होने के बावजूद धर्मनिरपेक्षता का राग अलापते है परन्तु यदि एक बार मुसलमान सत्ता में आ जाते है तो पूरे राज्य का इस्लामीकरण करने में सत्ता का पूरी तरह उपयोग करते हैं । इसी कारण शाहजहाँ , औरंगजेब व बाबर द्वारा अपने शासनकाल में हिन्दुओं पर जजिया कर ( हिन्दुओं पर लगने वाला एक विशेष कर ) लगाया गया था । हमारे देश के ही एक भाग कश्मीर का किस प्रकार हमारे सामने ही हिन्दुओं के ५० प्रतिशत होने बावजूद मुस्लिम राज्य बना दिया गया इससे हमें कुछ सीख लेनी चाहिए नहीं तो जिस आने वाले समय में जिस प्रदेश में भी मुस्लिम दल की सरकार बनती जाएगी वह राज्य केवल सेना के सहारे की हमारे देश से जुडा रह पाएगा यह हमें स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए ।
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| हमारा देश हिन्दुस्थान है और हिन्दुस्थान ही बना रहे इसी उद्देश्य से इस साइट ( Hindustangaurav ) का निर्माण किया गया है ।
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